IMF अनुमान में भारत की भविष्य की आर्थिक छलांग ने चौंकाया दुनिया को

इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड यानी IMF के ताजा आंकड़ों के अनुसार 2025 में भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। 2024 में भारत पांचवें स्थान पर था, लेकिन इस साल यह एक पायदान नीचे खिसक गया। हालांकि इस गिरावट का कारण आर्थिक कमजोरी नहीं बल्कि वैश्विक मुद्रा विनिमय और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति में बदलाव है। भारत की अर्थव्यवस्था इस दौरान करीब 3.92 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई है, जो पिछले साल के मुकाबले बढ़ोतरी दर्शाती है। इसके बावजूद ब्रिटेन ने करीब 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ भारत को पीछे छोड़ दिया।
डॉलर-रुपया और रैंकिंग का खेल
भारत की रैंकिंग में बदलाव का सबसे बड़ा कारण मुद्रा विनिमय दर को माना जा रहा है। 2024 में एक डॉलर की कीमत लगभग 84.6 रुपये थी, जो 2025 में बढ़कर करीब 88.5 रुपये हो गई। रुपये की कमजोरी के कारण भारत की आर्थिक वृद्धि डॉलर के हिसाब से उतनी मजबूत नहीं दिखी। जबकि घरेलू स्तर पर भारत की जीडीपी रुपये में करीब 9 प्रतिशत बढ़कर 318 ट्रिलियन रुपये से 346.5 ट्रिलियन रुपये हो गई है। इसका मतलब है कि असली विकास मजबूत है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय तुलना में असर कम दिखा। इसी वजह से भारत की वैश्विक रैंकिंग में अस्थायी गिरावट देखने को मिली।

वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की मौजूदा स्थिति
IMF की सूची में अमेरिका अभी भी दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है, जिसकी वैल्यू लगभग 30.8 ट्रिलियन डॉलर है। इसके बाद चीन करीब 19.6 ट्रिलियन डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर और जर्मनी 4.7 ट्रिलियन डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर है। ब्रिटेन लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गया है। भारत इस सूची में छठे स्थान पर है, जबकि जापान भी शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। यह स्पष्ट है कि वैश्विक आर्थिक शक्ति अभी भी विकसित देशों के केंद्र में बनी हुई है, लेकिन भारत तेजी से आगे बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है।
आगे भारत की अर्थव्यवस्था का अनुमानित भविष्य
आने वाले वर्षों के लिए भारत की आर्थिक प्रगति को लेकर सकारात्मक अनुमान लगाए जा रहे हैं। 2027 तक भारत के फिर से ब्रिटेन को पीछे छोड़कर चौथे स्थान पर पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसके बाद 2028 में भारत जापान को भी पीछे छोड़कर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। अनुमान है कि 2030 तक भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 6.17 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी और 2031 तक यह 6.79 ट्रिलियन डॉलर तक जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की ग्रोथ 6 प्रतिशत से अधिक बनी रह सकती है, जिससे आने वाले वर्षों में देश वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में और मजबूत स्थिति में पहुंच सकता है।